इंजन के अवयवों की विमा और घिसावट हेतु निरीक्षण करने का अभ्यास
इंजन के अनुचित और खराब हो चुके भागो की पहचान करने के लिए तथा इन्हें बदलने के लिए ही इन भागो की घिसावट व विमा का निरीक्षण किया जाता है।.
आवश्यक उपकरण /सामग्री
*ट्रैक्टर के अवयव (पिस्टन ,कनेक्टिंग रॉड आदि) ,*माइक्रोमीटर, *फिलर गेज, *सर्वेक्षण फिक्सचर, *वर्नियर कैलिपर्स, *डायल बोर गेज माइक्रोमीटर।
सावधानियां
*किसी भी अवयव का निरीक्षण करने से पूर्व उसे अच्छी तरह साफ कर ले।
* प्रत्येक उपकरण का पूरे अध्ययन करने के उपरांत ही उसका उपयोग करें।
* सभी उपकरणों की कार्यप्रणाली को ध्यानपूर्वक समझे ।
*किसी भी उपकरण को क्षति ना पहुंचने दे।
* प्रत्येक उपकरण का सावधानीपूर्वक प्रयोग करें
कार्य विधि
*सर्वप्रथम इंजन के पिस्टन का निरीक्षण करते हैं बर्नियर कैलीपर्स द्वारा इसके व्यास को मापते हैं और इसकी गिरावट से अवगत होते
हैं।
*गजन पिन के पिस्टन और लाइनर के बीच क्लीयरेंस, एक लंबी फिलर गेज द्वारा मापते है।
*सिलेंडर बोर की टेपरता और ओवेलिटी का मापन डायल बोर गेज के साथ करते हैं ।यदि टेपरता और ओवेलिटी विशिष्ट सीमा से ज्यादा है तो सिलेंडर लाइन बोर को बदलते हैं।
*सिलेंडर बोर में रंग रखते हैं, इसे पिस्टन हैंड इसके साथ लेबल करते हैं। रिंग के क्लोज गैप को फिलर गेज के द्वारा मापते हैं। यदि गैप निर्माणक की आवश्यकता से ज्यादा है तो पिस्टन रिंग को बदलते हैं।
*घिसावट और सफाई के लिए कनेक्टिंग रॉड एंड पुश की जांच डायल बोर गेज द्वारा करते हैं। यदि आवश्यक हो तो उसे बदलते हैं।
*पिस्टन के ग्रूव में नई रिंग की साइट क्लीयरेंस की जांच के लड़के द्वारा करते हैं।
*ग्क्रैकपिन और कनेक्टिंग रॉड के मध्य क्लीयरेंस माइक्रोमीटर और डायल बोर गेज द्वारा ज्ञात करते हैं।
इंजन के अवयवो की बीमा और घिसावट हेतु निरीक्षण करने का सफलता पूर्वक अभ्यास किया।
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