use of hydrometer,
what is the working principle of hydrometer
बैटरी की आवेशित स्थिति को जांचने के लिए बैटरी का परीक्षण किया जाता है। यदि बैटरी खराब है तो आवेशन के कुछ समय पश्चात ही अनावेशित होना प्रारंभ कर देती है। हाइड्रोमीटर का उपयोग बैटरी के वैधुत अपघटय का अपेक्षित गुरुत्व ज्ञात करने के लिए किया जाता है। मार्केट में यह आपको 300₹ से लेकर 1000₹ तक की रेंज में मिल जाएगा
आवश्यक उपकरण सामग्री.
बैटरी , हाइड्रोमीटर , बैटरी स्टैंड
सावधानियां निर्देश.
*हाइड्रोमीटर का उपयोग करने से पूर्व बैटरी का आवश्यक से मुक्त कर ले ।
* हाइड्रोमीटर को सावधानीपूर्वक पकड़े।
* वैधुत अपघटन को कपड़ों पर गिरने ना दें।
* हाइड्रोमीटर से कम से कम 3 बार अवश्य नापे लें
कार्यविधि
*सर्वप्रथम बैटरी को अनावश्यक से मुक्त करते हैं ।
*बैटरी को स्टैंड पर रखते हैं।
* बैटरी के ऊपर लगे ढक्कनों को खोलते हैं।
* बैटरी को कुछ समय के लिए इस स्थिति में छोड़ देते हैं ।
* हाइड्रोमीटर के निचले सिरे पर को बैटरी में भरे इलेक्ट्रोलाइट में डुबो देते हैं।
* अब हाइड्रोमीटर में ऊपर की ओर लगे बल्ब को दबाते हैं और फिर धीरे-धीरे दबाव हटाते जाते हैं। इसके फलस्वरूप विद्युत अपघट्य हाइड्रोमीटर में बने स्केल से ऊपर की ओर चढ़ता हुआ दिखाई देता है।
*अब हाइड्रोमीटर के स्केल द्वारा फ्लोट लेवल को नोट करते हैं। और लेवल ही वैद्युत अपघट्य के आपेक्षिक घनत्व को प्रदर्शित करता है ।
*विद्युत अपघट्य का आपेक्षिक घनत्व 1.280 होना चाहिए यदि ऐसा नहीं है तो इसका अर्थ है कि बैटरी अन आवेशित है इस दशा में बैटरी को पुनः आवेशित करते हैं।
