Engine components , timing chain, cylinder head engine parts , engine components connecting rod

engine parts and diesel engine parts

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ऑटोमोबाइल इंजन जटिल तंत्र है, जो कई भागों से मिलकर बना है इसके बिना इंजन कार्य नहीं कर सकता क्योंकि एक भाग दूसरे भाग को कार्य करने में मदद करता है आपको सब जानकारी देते हैं इंजन के भागो की आइये इसके भागो के बारे में  जानते हैं----


1.सिलेंडर हेड(cylinder head) - यह एक बेलनाकार खाली स्थान होता है, अंंदर पिस्टन् रेसिप्रोकेटिंग मोशन  करता है यह कास्ट धातु का बना होता हैै, यह सिलेंडर के सिर को ढकता है इसको गैस के द्वारा सील किया जाता है।

2. सिलेंडर ब्लॉक(cylinder block)  - यह एक कच्ची धातु व एलमुनियम का बना होता है, इसी में ईंधन जलता है तथा शक्ति प्राप्त होती है किसी  में अधिक सिलेंडर ब्लॉक् भी होते हैं ।


3.गेस्केट(gasket) - यह रिसाव रोकने के काम आताा है गेस्केट शीट सामग्री से काटकर बनाए जाते हैं । गेस्केट सामग्री कागज रबड़ धातु आदि के होती है,इंजन में रबड़ का ही प्रयोग करते हैं 
गेस्केट के प्रकार
1.शीट गेस्केट
2.नालीदार गेस्केट
3.रिंग गेस्केट
4.सपीरल गेस्केट


4.पिस्टन(piston)  - पिस्टन एक बेलनाकार का आकार का होता है ,जो दहन् कम्बसशनके दाव को इंजन के अलग भागों में पहुंचाता है तथा सक्शन के समय आई हुई एयर + फ्यूल के मिश्रण को कंप्रेस करता है इसका कार्य बल को स्थानांतरित करना होता है यह एलमुनियम मिश्र धातुओं से बना होता है इसके निम्न प्रकार है--
1.ट्रंक पिस्टन
2 क्रास हेड पिस्टन
3.चप्पल पिस्टन
4.डिफेक्टर पिस्टन
5.रेसिंग पिस्टन


5.पिस्टन रिंग (piston ring) - यह पिस्टल पर बनी इस प्लॉट पर लगे होोते हैं जोो प्रेशर के लीकेज को रोकता हैैै यह दो प्रकार के होते हैं-
1.कंप्रेस रिंग( compress ring)  - यह पिस्टन से सिलेंडर की हीट का संवहन करता है

2. आयल रिंग( oil ring ) - इसका कार्य सिलेंडर की दीवारों पर लगे अतिरिक्त स्नेहन आयल को हटाना होता है यह कास्ट आयरन का होता है


6. कनेक्टिंग रॉड(connecting rod ) यह पिस्टल व क्रैंक्षाफ्ट्ट के मध्य संबंंध बनाने हेतु प्रयुक्तत होता एक आस्था एंड ग्रेफाइट का बना होोता है इसके दूसरे होते हैं एक सिरा स्मॉल एंड तथा दूसरा सिरा बिग एंड होता हैैैैैैै स्माल एंड को पिस्टन से गजन पिन द्वारा जोड़ा जाता है तथा बिग एंड को क्रैंक्षाफ्ट सेेे क्रैंकपिन द्वारा जोड़ा जाता है|



7.क्रैंक शाफ़्ट(crankshaft)  यह पिस्टन के प्रत्ययगामी चाल को घूर्णन गति मेंं बदलता है यह इंजन मेंं सबसे तेज  गति से घूमनेे वाला भाग है यह कम स्टील का बना होता है ।



8.फ्लाई व्हील (fly wheel ) - यह एक धातु का भारी पहिया होता है जो क्रैंक्षाफ्ट से जुड़ा होता है यह इंजन से प्राप्त पावर को अपने अंदर संग्रहित करने का कार्य करता है ,जो इंजन के अन्य कार्यों के लिए प्रयोग की जाती हैैैैै मतलब सेक्शन स्टोक इसी के कारण होता है ।



9.कैम शाफ़्ट(camshaft)  - यह एललेट वाल्व तथा एग्जास्ट वाल्व को खुलने व बंद करनेे का कार्य करता है यह स्टील या कच्चे लोहेे से बना होता है।



10.रार्कर ऑर्म (rocker arm ) राकर्म ऑर्म केम शाफ़्ट के द्वारा वाल्व स्प्रिंग को प्रेशर देने  का कार्य करता है जिससे वाल्व खुल जाता है जैसे कि रॉकर आर्म का तरफ का भाग नीचे आता है तो स्प्रिंग द्वारा ऊपर उठ जाता है।


11.टाइमिंग गियर (timing gear) केम शाफ्ट तथा क्रैंक्षाफ्ट को जोड़ने का कार्य करता है कैम्षाफ्ट कि अगले सिरे पर लगा होता है यह एलमुनियम व स्टील का बना होता है। जैसा कि क्रैंक्षाफ्ट को  खोलना व बंद करना है यह इसके कारण होता है यह एक दाटेदार बेल्ट है।


11.आयल सम्प (oil sump) - यह इंजन के नीचे लगा होता है इसके द्वारा स्नेहक भरा होता है इसमें स्नेहक मतलब ग्रीस जो इंजन के विभिन्न भागों में पहुंचाया जाता है।

12.इंजन वाल्व(engine valve ) कितनी बहने वाली गैस या तरल पदार्थ के भाग को आवश्यकतानसार खोलने तथा बंद करने के लिए जो भाग का प्रयोग किया जाता है उसे वाल्व कहते हैं 
यह निम्न प्रकार के होते हैं
 रोटरी वाल्व
 स्टील वाल्व
 मशरूम वाल्व।









Mohit chaudhary

Hay am mohit chaudhary

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