कार्यशाला में टाइपिंग थ्रेडिंग व ड्रिलिंग का कार्य करते समय स्नेहक के प्रयोग से अवगत होना। टैपिंग, थ्रेडिंग व ड्रिलिंग प्रक्रम के अंतर्गत टूल व जॉब के बीच बहुत अधिक भाग में घर्षण उत्पन्न होता है। जिस कारण जॉब व टूल दोनों में तापीय प्रसार होने लगता है अर्थात टूल व जॉब ताप के प्रभाव में आ जाते हैं इस अधिक घर्षण के कारण टूल टूट भी सकता है जिससे चोट लगने की संभावना रहती है यही कारण है कि जॉब व टूल के शीतलन के लिए इस नेहा का प्रयोग किया जाता है।
आवश्यक उपकरण
जॉब, टैपिंग टूल, टैपिंग रिंच , थ्रेडिंग डाई, थ्रेडिंग डाई होल्डर (मशीन) , ड्रिलिंग मशीन, ट्विस्ट ड्रिल, फ्लैट फाइल, बेंच वाइस, वायर ब्रश ,स्नेहक।
सावधानिया
1.जॉब को बेंच वाइस में ढीला न रखें।
2. यहां पर स्नेहक की पूर्ण व्यवस्था करें।
3 स्नेहक को वर्ष पर गिरने ना दें।
4. जॉब को नियमित रूप से साफ करते रहें।
5. चिकने हाथों से कार्य कदापि ना करें ,टूल के फिसलने का डर रहता है।
कार्यविधि
1.सर्वप्रथम जॉब को बेंच वाइस में फंसा कर बांधे।
2. जॉब पर ड्रिलिंग करना आरंभ करते हैं।
3. ड्रिलिंग करते समय ट्विस्ट ड्रिल बाद जॉब के मध्य में नियमित रूप से स्नेहक की आपूर्ति करते हैं। स्नेहक करने के लिए अलग से एक पाइप की व्यवस्था होती है जिसकी सहायता से ड्रिल द्वारा हो रहे चित्र में लगातार स्नेहक करते रहते हैं।
4.नियमित रूप से जॉब को साफ करते रहते हैं।
5. इसी प्रकार थ्रेडिंग व टाइपिंग प्रक्रिया के अंतर्गत भी स्नेहक को का प्रयोग करते है।
