प्रोपेलर शाफ़्ट डिफरेंशियल के माध्यम से शक्ति एक्सेल शाफ्ट तक पहुंचती है जिससे पहिए भी घूमते हैं ,जब एक्सेल शाफ्ट पहिए को घुमाती है तो उस समय एक्सेल केसिंग में विपरीत दिशा में घुमाव उत्पन्न होता है ।परंतु एक्सेल केसिंग अपनी जगह स्थिर रहकर एक्सेल शाफ्ट की ड्राइव चेचिस को देती है।
प्रायः यह ड्राइव दो प्रकार से पहुंचाई जाती है
1. होचकिस ड्राइव (hichkis drive )
2.टॉर्क ट्यूब ड्राइव ट्यूब(tarc tube drive tube)
होचकिस ड्राइव - चेचिस को ड्राइव देने के लिए इस प्रणाली का ही प्रयोग किया जाता है इस प्रणाली में ड्राइव के झटके एक्सेल के सिंह द्वारा ड्राइव रोड पर स्प्रिंग की सहायता से चेचिस तक पहुंचती है ,को आगे की ओर से चेचिस के साथ फिक्स्ड रखा जाता है तथा पिछले सिरे पर झूला लगा रहता है इस ड्राइव में जिस प्रोपेलर शाफ्ट का प्रयोग किया जाता है उसका वर्णन किया गया है
टॉर्क ट्यूब ड्राइव - इसमें जिस प्रोपेलर शाफ़्ट का प्रयोग किया जाता है वह एक आउटर केसिंग में घूमती है इस प्रकार की प्रोपेलर शाफ़्ट को घूमते हुए नहीं देखा जा सकता ,इनर शाफ्ट बाल जॉइंट की सहायता से गियर बॉक्स की मेन शाफ्ट के साथ जुड़ी रहती है। डिफरेंशियल की ओर यह सीधे टेल पिनियन से जुड़ी रहती है। इसके ऊपर की केसिंग गियर बॉक्स हाउसिंग तथा दूसरी ओर डिफरेंशियल हाउसिंग से मजबूत कसी रहती है। पिछले एक्सेल केसिंग द्वारा ड्राइव, इसमें भी रॉड स्प्रिंग की सहायता से चेचिस को प्राप्त होती है, परंतु इसमें रोड स्प्रिंग का अगला सिरा झूले की सहायता से फिट किया जाता है ,जबकि पिछले सिरे को आई हॉल में शेकिल पिन डालकर उसे फिक्स्ड किया जाता है। इस प्रकार रोड स्प्रिंग की फिटिंग होल किस ड्राइव के बिल्कुल विपरीत होती है।प्रोपेलर शाफ़्ट बिना किसी दोष के बहुत समय तक कार्य करती है परंतु काफी समय बाद उसमें कुछ दोष आ जाते हैं इसमें सबसे प्रमुख दोष यह आ जाता है कि प्रोपेलर शाफ्ट बहुत अधिक कंपन करने लगता है ,तथा कभी-कभी तो पूरे मोटर गाड़ी को झजोड़ कर रख देती है
इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं
1.प्रोपेलर शाफ्ट के योग 1 सीट में एक जैसे फिट ना हो ।
2. प्रॉब्लम्स आफ टेढ़ी हो गई हो।
3 यूनिवर्सल ज्वाइंट की नीडल रोलर घिस गए हो।
4. प्रोपेलर शाफ़्ट योक ढीले हो गए हो।
