हेक्सा मशीन क्या है
हेक्सा कार्यशाला में अक्सर लोहे के लट्ठों, पाइप प्लेट या शीट आदि को काटने की आवश्यकता रहती है यह काम फटिंग शाला में हेक्सा द्वारा ही किया जाता है।हैक्सॉ मशीन ब्लेड को आगे-पीछे गति में चलाती है, जिससे वर्कपीस (Workpiece) पर दबाव पड़ता है और कटिंग होती है। कई मशीनों में कूलेंट का उपयोग किया जाता है जिससे ब्लेड का तापमान न बढ़े और इसकी उम्र लंबी हो।
हैक्सॉ फ्रेम
ऐसा का मुख्य भाग उसका फ्रेम होता है जो c टाइप होता है इसके एक सिरे पर फिक्स्ड स्क्रू लगा होता है ,जिसमे अंदर की ओर तथा बाहर की ओर हैंडल लगा होता है इसमें फ्रेम के अंदर की ओर पर लगी होती है तथा बाहर एक फ्लाइ नट लगाया जाता है दोनों पिन हेक्साब्लैड में बने छिद्रों में लगा दी जाती है तथा इसके बाद फ्लाई नट को कसने पर ब्लेड टाइट फिट हो जाती है अब हमारी हेक्सा कार्य करने के लिए तैयार है, हेक्सा फ्रेम मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं
1. फिक्स्ड हेक्सा फ्रेम (what is fixed Hacksaw frame)
हेक्सा ब्लेड (hacksaw bled)
हेक्सा में कटाई करने वाले पार्ट हेक्सा ब्लेड ही होता है यह एक पत्ती के आकार में होता है जिसके दोनों सिरे गोलाई से कटे होते हैं, इनके दोनों सिरों पर पिन होल होते हैं जिनकी सहायता से इसे हेक्सा फ्रेम में फिट किया जाता है, इसकी दोनों या एक साइड में दांते कटे होते हैं ,जो एक दिशा में झुके हुए होते हैं, हेक्सा ब्लेड के लिए कार्बन स्टील हाई कार्बन स्टील प्रयोग की जाती है दाँते काटने तथा होल बनाने के पश्चात इसे हार्ड व टेम्पर किया जाता है, कभी-कभी होल वाले भाग को अनील किया जाता है ,ब्लड की पत्तियों की मोटाई 0.6mm से 0.8mm तथा चौड़ाई 12mm से 16mm तक होती है, यह 25mm या 32mm लंबाई में प्रयोग किए जाते हैं ब्लेड की लंबाई उसके दोनों सिरों पर बने छिद्रों के केंद्रों के बीच की दूरी होती है, दो दातों के सलंग्न बिंदुओं के बीच की दूरी को दांतों की पिच कहते हैं मोटी पिच ,माध्यम पिच, या पतली पिच के ब्लेड प्रयोग किए जाते हैं, 1.5mm से 2.0mm तक मोटी पिच 1.0mm से 1.5mm तक फाइल पिच होती है, मोटे सेक्शनओ के लिए मोटी पिच तथा बारीक सेक्शनओं के लिए पतली पिच के ब्लेड प्रयोग किए जाते हैं दांतों पर लगे टेंपर के आधार पर यह दो प्रकार के होते हैं
ऑल हार्ड ब्लेड (all hard bled )
हाफ हार्ड ब्लेड(half hard bled )
दांतों की सेटिंग (teeth setting Hacksaw machine )
ब्लेड को उसके द्वारा कटी गई झिरी में फंसाने से बचाने के लिए उसके दांतों को दोनों ओर मोड जाता है जिससे कि उसके द्वारा कटने वाली झिरी की चौड़ाई ब्लेड की मोटाई से अधिक होने लगती है इस प्रक्रिया को दांतो की सेटिंग कहां जाता है सेटिंग करने से बनाई गई झिरी में नहीं फँसता तथा घर्षण भी कम हो जाता है दांतों की सेटिंग निम्न प्रकार की होती है
सिंगल स्टेगर्ड सेटिंग (single stegard setting )
डबल स्टेगर्ड सेटिंग (double stegard setting)
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हैक्सॉ मशीन के प्रकार (Types of Hacksaw Machine)
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मैन्युअल हैक्सॉ मशीन (Manual Hacksaw Machine) – हाथ से चलाई जाती है, छोटे कार्यों के लिए उपयुक्त।
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मैकेनिकल (पॉवर) हैक्सॉ मशीन (Mechanical/Power Hacksaw Machine) – मोटर और क्रैंक मैकेनिज्म की सहायता से ब्लेड को चलाया जाता है।
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हाइड्रोलिक हैक्सॉ मशीन (Hydraulic Hacksaw Machine) – इसमें हाइड्रोलिक सिस्टम होता है जो कटिंग को नियंत्रित करता है।
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स्वचालित (Automatic) हैक्सॉ मशीन – बार-बार कटिंग कार्यों के लिए उपयोग की जाती है और कम मानवीय प्रयास की आवश्यकता होती है।
मुख्य भाग (Main Components)
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हैक्सॉ फ्रेम (Hacksaw Frame) – ब्लेड को पकड़ने के लिए।
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ब्लेड (Blade) – दांतेदार पट्टी जो कटाई करती है।
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क्रैंक और स्लॉटेड लिंक मैकेनिज्म (Crank and Slotted Link Mechanism) – घूर्णन गति को आगे-पीछे गति में बदलता है।
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मोटर और पुली सिस्टम (Motor & Pulley System) – मशीन को शक्ति देता है।
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कूलेंट सिस्टम (Coolant System) – ब्लेड को ठंडा रखने के लिए।
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वाइस (Vice) – कार्य-पहचान को स्थिर रखने के लिए।
