रिमिग सहायकों के अंतर्गत रीमर आते हैं जिनकी सहायता से किसी ड्रील किए सुराख को परिष्कृत करने के लिए किसी सुराख को बड़ा करने के लिए किसी सुराख को टेपर करने के लिए और किसी टेड़े सुराख को सीधा करने के लिए किया जाता है।
| प्रकार |
विभिन कार्यों के लिए निम्न प्रकार के रिमर का प्रयोग किया जाता है
1. हैंड रिमर
2. मशीनरी रीमर - इनका प्रयोग उत्पादन कार्य में मशीन की सहायता से किया जाता है मशीन में इन्हें ड्रिल चक अथवा स्लीव के द्वारा पकड़ा जाता है।
3.एडजेस्टेबल ड्रीमर - यह सबसे अधिक प्रयोग करने वाला रिमर है परास के अनुसार इसमें कम या अधिक माप में घटाया या बढ़ाया जा सकता है इसकी बॉडी में चूड़ियां तथा टेपर में खाँचे कांटे होते हैं जिनमें ब्लेड फसे होते हैं इन ब्लडो को एडजस्टिंग नेटो द्वारा ऊपर नीचे करके रिमर की माप कम या अधिक की जा सकती है इसके प्रयोग द्वारा सरलता से धीरे-धीरे मांप बढ़ाकर धातु को काटा जा सकता है यदि इसकी धार खराब हो जाए तो ब्लड को खोलकर ऊपर धार रखी जा सकती है।
मुख्य भाग
रीमर के मुख्य निम्न भाग है--
अक्ष -रीमर के ऊपर सेंटर में उभरी रेखा
शारीरिक- रीमर के सिरे तक का वह भाग जो शैक के नीचे है
शैक - रीमर का वह भाग जो बॉडी के ऊपर पकड़ने के लिए बना होता है।
सर्कुलर लैंड - कटिंग एज के पास की बेलनाकर ग्राउंड सतह जो लैंड के एज तक लीड करती है
टेपर लीड-, टेपर किया गया प्रवेश द्वारा पर रहने वाला कटिंग एज है जो सुराख की गई कटिंग और फिनिशिंग में सहायता करता है
बेवल लीड- वह भाग जो रिमर कटिंग के प्रवेश छोर के होल में प्रवेश करता है ।
बेवल लीड कोंण- रिमर अक्ष तथा वेबल लीड् के कटिंग एज से बना कोंण।
टेपर लीड कोंण- टेपर तथा रिमर अक्ष के कटिंग एज से बना कोंण।
लैपिंग
लेकिन वह विधि है जिसमें जॉब को रगड़ कर उसकी अंदरूनी या बाहरी सतह के शीशे के समान चिकना पॉलीसदार बनाया जाता है इस प्रक्रिया के लिए विशेष प्रकार के पेस्ट या ग्राइंडिंग एवेरेसिवो का प्रयोग किया जाता है.
लैपिंग विधि
लेपिग प्रायः दो प्रकार की जॉब में की जाती है-
1. समतल पृष्ठभूमि वाले जॉब में।
2. सिलैंडरिकल जॉब में लेपिंग के लिए नरम धातु के अलग-अलग आकार के जॉब के अनुसार नए औजार लैप ओजर बनाए जाते हैं यह गोल आयताकार या बेलनकार हो सकते हैं यदि किसी समतल सतह की लैपिंग करनी है तो लैप साधारण आयताकार प्लेट के रूप में बनाया जाता है।
सावधानियां
लेपिंग करते समय निम्न सावधानियों का ध्यान रखें
1. जॉब की धातु से लैप की धातु मुलायम होती है ।
2.लैपिंग से पहले जॉब की स्क्रेपिंग या होनिंग कर ले।
3. लैपिंग के उपयुक्त पदार्थ का प्रयोग न करें।
4. लैपिंग करते समय उचित स्नेहक तथा शीतलक का प्रयोग करें।
