ड्रिल बिट (drill bit)
यह हाई कार्बन स्टील हाई स्पीड स्टील तथा ऑयल स्टील के बने होते हैं , ड्रिल बिट का कार्ड तीन प्रकार का होता है ,फ्लैट , स्ट्रेट फ्ल्यूटेड व टिवस्ट ड्रिल। ड्रिल बिट के मुख्य भाग ड्रिल बिट के मुख्य भागों को अगर पृष्ठ पर वर्णित किया गया है--
टैग(tag) - टिवस्ट ड्रिल का सबसे ऊपरी भाग टैग कहलाता है यह छोटा सा परंतु चपटा होता है इसके कारण ड्रिल को सीट में फिट करने में सरलता रहती है
शैक(shake) -ड्रिल का वह भाग जो किसी साक़िट या ड्रिल चक आदि में पकड़ा जाता है, शैक कहलाता है यह भी तीन प्रकार के होते हैं
टेपर शैक ,स्ट्र , रैचेट शैक
बॉडी(body) -यह मुख्य भाग होता है इसी से सुराग होता है बॉडी में विभिन्न प्रकार के सपिरल खाँचे आदि बने होते हैं इसको निम्नलिखित नामों से पुकारा जाता है
फ्ल्यूट ,लैण्ड, मार्जिन
बॉडी क्लीयरेंस (body clearenc)-बॉडी पर मार्जिन के अतिरिक्त जो उभरा हुआ भाग होता है वह बॉडी क्लीयरेन्स कहलाता है ,
वैब (web) - ड्रिल के अक्ष पर फ्ल्यूटस के मध्य की जो ऊपरी मोटाई शेष रहती है उसे वैब कहते हैं
पॉइंट(point) - ड्रिंल का नीचे का भाग पॉइंट कहलाता है यह कोण के रूप में बना होता है पॉइंट का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर उसे निम्न चार भागों में बांटा जा सकता है
लिप, लिप क्लीयरेंस, हील, डैड सेंटर
ड्रिल बिट के प्रकार
बनावट के आधार पर ड्रिल बिट निम्न प्रकार के होते हैं--
1.फ्लैट ड्रिल बिट
2.स्ट्रेट फ्लूटेड ड्रिल बिट
3.ट्विस्ट ड्रिल बिट
ड्रिलिंग मशीन के प्रकार
1.साधारण हैंड ड्रिलिंग मशीन
2 ब्रेस्ट हैंड ड्रिलिंग मशीन
3. रैचेट हैंड ड्रिलिंग मशीन
4. पोर्टेबल इलेक्ट्रिक हैंड ड्रिलिंग मशीन्
5 न्यूमेटिक हैंड ड्रिलिंग मशीन
ड्रिल पकड़ने वाली युक्तियां
ड्रिलिंग करते समय ड्रिल को पकड़ने के लिए निम्न साधनों का प्रयोग किया जाता है --
ड्रिल चक -छोटी ड्रिल मशीनो में चक मशीन में ही फिट रहती है यह ड्रिल चक अलग अलग व्यास की ड्रिलो की क्षमता के होते हैं।
ड्रिल स्लीव -प्रत्येक टेपर शैक ड्रिल के शैक मशीन के स्पिंडल में फिट नहीं बैठते है, मशीन के स्पिंडल में भिन्न माप के शैक वाले ड्रिलो को मशीन में पकड़ने के लिए स्लीव या साक़िट का प्रयोग किया जाता है।
ड्रिल ड्रिफ्ट -यह माइल्ड स्टील का बना फ्लैट परंतु टेपर टुकड़ा होता है, इसके द्वारा ड्रिल मशीन के स्पिण्डल में फिट की गई बड़ी ड्रिल या स्लीव निकाली जाती है ,इसे स्पिण्डल में बने खर्चे में या स्लीव में कटे खाँचे के अंदर टेपर साइड में डालकर हथौड़े द्वारा ठोका जाता है, ड्रिल तथा दोनों ड्रिफ्ट दोनों टेपर में होने के कारण ड्रिल शीघ्र स्पिण्डल या स्लीव से निकला जाता है।
ड्रिल वाइस का उपयोग
एक ड्रिल वाइस को वोल्ट के द्वारा वर्क टेबल पर कस दिया जाता है ,इसके पश्चात जॉब को ड्रिल वाइस के जबड़ो में लकड़ी के गुटके अथवा पैरेलल ब्लॉको के ऊपर क्लेम्प किया जाता है ,इससे जॉब के आर पार होने पर ड्रिल वाइफ को हानि नहीं पहुंचता। ड्रिल वाइस कई साइजो में उपलब्ध रहती है।



