ohm"s law
धारा को नियंत्रण करने के लिए सामान्य कानून है। लेकिन उन्हें असीमित तरीके से लागु किया जाता है।अब इसको दो तरह से बोल सकते है --
१. यदि किसी छलक की भौतिक स्तिथि एव तापमान स्थिर रहे। तब ऐसी दशा में धरा का प्रभाव छलक के दोनों सिरों पर प्रयुक्त विभान्तर के समानुपाती होता है या चालक के सिरों पर विभान्तर बढ़ता जाता है , तब चालक में धारा बढ़ती है तथा विभान्तर कम किया जाये तो धारा घटती है
(धारा)i ∝ (विभान्तर)V
२. किसी चालक का तापमान स्थिर होने की दशा में उसमे प्रवाहित होने वाली चालक के सिरों पर लगाए गए विभान्तर के समानुपाती प्रवाहित होती है.
i ∝ v/R
(यहां R को प्रतिरोध कहते है।
जिसका मात्रक ओम होता है। )
नीचे दिये गए चित्रो से आप आसानी से याद या सॉल्व कर सकते हो।
V = IR
जिसका का निकलना है ,उसके चित्र पर हाथ रख कर निकाल सकते है
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