fasteners बन्धक
नट ,बोल्ट ,स्कू स्टड रिवेट बेल्डिंग ,ब्रेज़िग और सोल्डरिंग
बन्धक के तीन प्रकार के होते है --
१.टेम्परेरी बन्धक
२.सेमी बन्धक
३ परमानेंट बन्धक
१.टेम्परेरी बन्धक
टेम्परेरी बन्धक यह वह विधि है ,जिसके द्वारा मशीन के अलग -अलग भागो या पुर्जो को किसी प्रकार का नुकसान पहुचाये बिना आसानी से खोला व जोड़ा जा सके। सरल भाषा में जो आसानी से खुल या बंध जाये जैसे -- नट और बोल्ट ,स्कू ,की और कॉपर की पिन आदि.
बोल्ट - यह गोल राड का बना होता है। जिसके एक सिरे पर हेड व दूसरे सिरे पर चुडिया कटी होती है। जिन पर नट को कसते है। यह माइल स्टील के बने होते है। हेड के अनुसार बोल्ट निम्न प्रकार के होते है।
१. हेक्सागोनल बोल्ट
२. चार स्कवायर हेड बोल्ट
३. कैप हेड बोल्ट
४. 'T' हेड बोल्ट
५.' i ' बोल्ट
६ हुक बोल्ट
स्कू- यह भी दो भागो को जोड़ने के लिए तथा उन्हें सही अवस्था में रकने के लिए किया जाता है ,यह बोल्ट की तरह होते है , मगर इनके हेड पर एक स्लॉट कट होता है तथा इनकी बॉडी टेपरड होती है। यही माइल स्टील ,कार्बन स्टील ,ब्रास इत्यादि के बांये जाते है। इनके प्रयोग के लिए नट की आवयशकता नहीं होती है। इनको चार भागो में बाटा गया है --
१. कैप स्कू -
चीज हेड स्क्रू
काउण्टर हेड स्कू
राउंट हेड स्कू -
एलेन स्कू
२. कॉलर स्कू
३. सोल्डर स्कू
४.सेट स्कू
नट - यह ला या आल धातु का एक ऐसा टुकड़ा है। जिसके अंदर चुडिया कटी होती है ,बनावट के अनुसार ये बहुत प्रकार के होते है --
१. हेक्सागोनल नट
२. चौकोर नट
३. फ्लैज्ड नट
४. नर्ल्ड नट
५. विंग नट
६, कैप नट
७. डोम नट
७. डोम नट
८. कैप्सटन नट
९. रिंग नट
१०. थम्ब नट
स्टड- यह बोल्ट की तरह ही होता है। लेकिन इसमें हेड नहीं होता है ,इसके दोनों तरफ चुडिया कुटी होती है। बीच का भाग प्लान रखा जाता है ,इसका प्रयोग बहा किया जाता है जहा दो पार्ट्स के बीच में किसी भागो को कसना हो ,यह माइल स्टील के बने होते है।
नोट - स्टड को खोलने के लिए स्टड रिमूवर का प्रयोग किया जाता है।
2. सेमी बन्धक
इस प्रकार के बंधक को खोल सकते है पर आसानी से नहीं ,ऐसे बन्धक को खोलते समय पार्ट्स व बंधक ख़राब हो जाते है। जैसे - रिवेट।
रिवेट को हम अपने घर की लोहे वाकई बाल्टी में भी देख सकते है,
3. परमानेंट बन्धक
यह एक ऐसा बंधक है.जो जुड़ने के बाद मशीन का एक अभिन अंग बन जाता है ,इन्हे अलग करने में दिक़्क़त अति है अलग अलग करना चहे तो मशीने का कुछ पार्ट्स पूरी तरह से खराब हो जाता है। जैसे - वेल्डिंग'ब्रेज़िंग और सोल्डरिंग।
दोस्तों और भी बन्धक होते है ,जो बहुत पहले या आज भी इस्तमाल किये जाते है -
लॉकिंग 'युक्ति - जिन स्थानों पर अधिक कम्पन होता है ,वहा नट व बोल्ट खुल जाते है। इस त्रुटि को दूर करने के लिए लॉकिंग बिधियो का प्रयोग करते है।
चाबी और चाबी घाट - किसी एक घुमयी हुई शाफ़्ट से दूसरे भाग की शाफ़्ट को घूमने के लिए गियर या पुली का प्रयोग किया जाता है। यह गया या पुलि अपनी शाफ़्ट पर घूम न जय तथा एक इकाई बन क्र घूम सके इसके लिए चाबी घाट प्रयोग किया जाता है।
वाशर - किसी नट द्वारा कस्ते समय पार्ट्स के सरफेस को बचने के लिए अधिक दवाव के लिएव जो नट के नीचे छेद वाली गोलाकार पट्टी लगाई जाती है उसे वाशर कहते है।
वाशर - किसी नट द्वारा कस्ते समय पार्ट्स के सरफेस को बचने के लिए अधिक दवाव के लिएव जो नट के नीचे छेद वाली गोलाकार पट्टी लगाई जाती है उसे वाशर कहते है।
गैस्केट - यह एक प्रकार की मैकेनिकल सील है। इसे इंजन में सिलेंडर हेड व सिलेंडर ब्लाक के बीच में लगते है।
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