गियर व गियर बॉक्स के प्रकार,
ट्रैक्टर का इंजन अधिकतम शक्ति पूरी चालू कर देता है, इस शक्ति से सामान्य दशा में तो ट्रैक्टर को चलाया जा सकता है कुछ सीमा तक गुरुत्वाकर्षण विपरीत हवा का दबाव तथा चड़ाई आदि के समय इंजन की सीमित शक्ति से काम नहीं चलता है ऐसी स्थिति में किसी अन्य शक्ति ही को भी
आवश्यकता होती है जिससे ट्रैक्टर सरलता से चल या कार्य कर सकते। गियर बॉक्स एक ऐसी व्यवस्था है जिसके द्वारा ट्रैक्टरों को प्रत्येक परिस्थिति में सुगमता पूर्वक चलाने के लिए इंजन की शक्ति को प्रत्येक के द्वारा बढ़ाया जा सके। ट्रैक्टर को पीछे करने के लिए भी गेयर बॉक्स ही संभव होता है।
गियर नियम
A गियर में 10 दांत होते हैं तथा B गियर में 30 दांत होते हैं गियर में 3 चक्कर प्रति मिनट RPM हो रहे हैं तो B गियर केवल एक ही चक्कर पूरा कर पाएगा, अर्थात उसकी चाल कम होगी। इसी के साथ-साथ छोटे केयर में 5 फुट पौंड शक्ति एक चक्कर प्राप्त होती है, तो बड़े घर में 15 पाउंड शक्ति स्थानांतरण होगी। जब एक गियर के द्वारा दूसरा गियर चलाया जाता है तो पहले वाले गियर की दिशा चलने वाली गियर की दिशा के विपरीत होती है इसके अतिरिक्त यदि इन दोनों के बीच कोई तीसरा गियर लगाकर चलाया जाए तो चलने वाले गियर की दिशा घूमते समय सामान हो जाएगी, इस प्रकार के गियर को आइडलर गियर कहते हैं।
गियर के प्रकार
ट्रैक्टर गियर बॉक्स की तीन प्रकार के नियमों का सामान्य प्रयोग किया जाता है -
स्पर गियर -इस प्रकार के गियर की परिधि पर धुरे के समांतर पूरे में दांत कटे होते हैं ।
हेलीकल गियर -इस प्रकार के गियर की परधि पर दाते एक विशेष कोंण पर कटे होते हैं ।
डबल हेलीकल -यह हेलीकल गियर के समान ही होते हैं परंतु मध्य में उनके दाँते उल्टे कोणो में बदल जाते है।
गियर बॉक्स के मुख्य भाग
1।प्राइमरी शाफ्ट या ड्राइव शाफ्ट
2. प्राइमरी सॉफ्ट बियरिंग
3. मेन शाफ्ट या ड्राइविंग शॉफ़्त
4. मेंन शाफ़्ट वेयरिंग
5. ले- शाफ़्ट या काउतर शाफ़्ट
6. ले- शाफ़्ट बियरिंग सेट
7 रिवर्स शाफ़्ट या रिवर्स आइडलर शाफ़्ट
8. गियर बॉक्स हाउसिंग
9. गियर चेंज लीवर
10. टॉप कवर
11 गियर सिलेक्टर शाफ़्ट
12. गियर सलेक्टर फॉर्क
गियर बॉक्स के प्रकार
गियर बॉक्स में गियर के अलग-अलग जोड़ों को मिलाने के आधार पर उन्हें चार प्रकार में बांटा गया है-
1.स्लाइडिंग मेश गियरबॉक्स
2 कैंर्टेन्ट मैश गियर बॉक्स
3. सिंक्रोमैश गियर बॉक्स
4. प्लेनेटरी या एपीसाइक्लिक गियर बॉक्स
* साधारण प्लेनेटरी टाइप गियर बॉक्स
* युग्म प्लेनेटरी टाइप बॉक्स
गियर शिफ्ट मेकैनिज्म -संचार प्रणाली में गियर बॉक्स के गियर बदलने के लिए गियर शाफ्ट मैकेनिकल का प्रयोग किया जाता है इसमें गियर से
चेंज लिवर ,शाफ़्ट रॉड या रेल,शाफ़्ट फोर्क, रिटनर्स तथा लॉक आदि मुख्य भाग होते हैं यह ट्रैक्टर के सभी गियरों के लोअथवा हाई स्पीड के कार्य करने योग्य बनाता है।
गियर चीज लीवर की स्थितियां - गियर डालने केेेे लिए यार चेंज लीवर का प्रयोग किया जाता है गियर लीवर को उठा कर झुका कर और दाएं बाएं करके वंचित गिर डाला जाता है।
फोर व्हील ड्राइव संचरण - खराब सड़क को से हटे मार्गो पहाड़ी स्थानो दलदल वाले स्थानों या रेतीले स्थानों पर ट्रैक्टर को पिछले पहिए द्वारा धकेलने की शक्ति काम नहीं करती है। ऐसे स्थानों के लिए इंजन की शक्ति को अगले एक्सलो में भी बांटा देने की व्यवस्था की जाती है ऐसे ट्रैक्टर 4×4 फोर व्हील ड्राइव कहलाते हैं। इन ट्रैक्टरों में गियर बॉक्स के साथ ही ट्रांसफर केस लगाया जाता है इसमें अगले एक्सलो के मध्य एक अतिरिक्त डिफरेंशियल भी लगा होता है।
ट्रांसफर केस में निम्नलिखित भाग होते हैं
1 हाउसिंग
2.इनपुट शाफ़्ट
3.आइडल शाफ्ट
4. आउटपुट शाफ़्ट
5. फ्रंट एक्सल ड्राइव शाफ़्ट
6. डायरेक्ट ड्राइव तथा स्टेप डाउन गियर
जब किसी कारण पिछले भैया डोरा ट्रैक्टर नहीं चलता है तो ट्रांसफर केस द्वारा चेंज लीवर द्वारा इंगेज करने से इंजन की शक्ति छोटी पॉपुलर सॉफ्टवेयर ए डिफरेंस ईयर में होकर अगले 1 सालों में घूमने लगती है जिससे ट्रैक्टर सरलता से ऊंचे मार्गो दर्द लोग रहते लिए स्थानों में आगे बढ़ते हैं ।
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